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उसकी नीयत की गहराई को ना समझ पाए वो दर्द देता गया और हम उन्हीं पे मोहब्बत लुटाते गए धन्यवाद read more >>
सोचा था तेरी बेवफाई को भुला देगें हम पर कमबख्त ऐ दिल तुझे भूलने ही नहीं दिया धन्यवाद read more >>
रिश्ता हमारा ऐसा ना था कि हम उसे रोक सकते आवाज भी देते तो किस हक से धन्यवाद read more >>
जब दोष दिल का है तो तुझपे क्यों दोष लगाए ऐ दिल ही था बेवकूफ जो तुझपे आने से ना रोक पाए धन्यवाद read more >>
गमों में इतना डूब गए थें कि होंठो की मुस्कुराहट भूल गए हम जहां से निकले थें आज वहीं आ गए हम धन्यवाद read more >>
संभालू कैसे दिलको, तुम बिन सहारा कहा है बिछड़े जो हम तुमसे, तुम बिन तो मर जाना है read more >>
बाहर तुम्हारे आंसुओं का कोई मोल नहीं इसलिए अपने कीमती आंसुं ना बहाना घर के चार दिवारी में जितना चाहे रो लेना पर दरवाजा चेहरे पर हं� read more >>
दुनियां में तुम पर हंसने वाले हजार मिलेगा पर कोई तुम्हें हंसाए ऐसा कोई ना मिलेगा धन्यवाद read more >>
जो जख्म देकर जख्म को भरे वो इंसान कैसा जो दिल लेकर दिल से खेले वो महबूब कैसा धन्यवाद read more >>
कौन कहता है यहां अपने,अपने होते हैं जब खुद की परछाई अपनी नहीं होती तो अपने,अपने कैसे हो सकते हैं धन्यवाद read more >>
आज की दुनियां ऐसी है जहां किसी को अपना दर्द ना बताना जिसको भी बताओगे वो ब्याज सहित तुमको वापस लौटाएगा धन्यवाद read more >>
ए बेरहम हवा मुझे अंदर तक झकझोर देती है जब अपने साथ तेरी यादें लेकर आती है तेरी बेरुखी मुझसे सही ना जा रही है कैसे बताऊं क्या दर्द दि read more >>
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