यत्र_तत्र_सर्वत्र माता की ही तेज है,
माता से ही जीवन में नित खुशियां है।
जन्म_मरण सब तुझ से ही है जुड़ा,
सारे विधि का विधान भी तुझ से ही � read more >>
न मैं कवि हूं ,न मैं कहानी _कार हूं ,
न गज़ल का दीवाना न गजल कार हूं ,
पर होने को सब कुछ हूं
उसी की मर्जी से__
जिस परवरदिगार का जन्मों से सेव� read more >>
भगत तेरा, मै,
एक भजन मे,
हो जाऊ ।
...लगन मेरी... २३
ऐसी है। हो साँवरे.......
हो.....लगन मेरी
देख के, मूर्त मे ,साँवरे
तेरी सूरत
मे सुँघ-बूँघ अप read more >>
मुरलीवाले ,साँवरे की , तू .....रे
हो ०२३
लीलाधर बावरे की, तू..... रे
मन ,लागे राघा रानी , ,रे लागे राघा ,
साँवरी,
यो थारो जोगीपन, यो मन
प्रेम को र� read more >>
प्रभु की लीला
एक बार एक बहुत बड़े संत अपने एक शिष्य के साथ दिल्ली से वृंदावन को वापिस जा रहे थे , रास्ते में उनकी कार ख़राब हो गई । वही प� read more >>
प्रभु राम जी की कृपा
श्री अयोध्या जी में 'कनक भवन' एवं 'हनुमानगढ़ी' के बीच में एक आश्रम है जिसे 'बड़ी जगह' अथवा 'दशरथ महल' के नाम से जाना जा� read more >>
"ठाकुरजी की भाभी"
एक लडकी थी जो कृष्ण जी की अनन्य भक्त थी, बचपन से ही कृष्ण भगवान का भजन करती थी, भक्ति करती थी, भक्ति करते-करते बड़ी हो ग� read more >>