शिव तेरा नाम, जपऊ जितनी बाार
मन भरता नही, जपऊ जितनी बार
मन मन्दिरा, तु ही हे शिव सुन्दरा
शिव, तेरी जय-जय-कार, करु जितनी बार
मन भरता नही, ज� read more >>
जटाओ से है जल प्रवाह जिनके मात् गंग का ; गले मे है जिनके हार विष भुजंग का ; डमट डमट डमट डमरू कह रहा शिवय शिवम् तरल अनल गगन पवन धरा धरा शिवा� read more >>