आलेख श्रंखला- "सनातन जो सत्य है!"
लेखक- जितेन्द्र शर्मा
निवेदन- यह आलेख श्रंखला मेरा अपने धर्म के विषय में अपने व्यक्तिगत विचार है� read more >>
बिप्ता आन पड़ी है बाबा, मेरी भी सुन लो ना बाबा थोड़ी सी खुशियां मेरे नाम भी करदो ना बाबा, ये दुआ मेरी काबुल कर लो ना बाबा, मेरी उम्मिद टूट � read more >>
तर्ज़=>
बंसी बजी हो मधुवन मे,जो जिया नैया मोरे बस मे
लल्ला जन्म लये हो आँगन मे,देखे बिना जी नैया बस में
बस मे हतो री,अब नैया मोरे बस मे� read more >>