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गलवान घाटी मे चीन का हमला और सरकार का रवैया- चंपा नेगी

16 17 जून को गलवान घाटी मे चीन की की हिमाकत फिर से 1962 की कड़वी याद ताजा कर गई साथ मे हमको यह सोचने को मजबूर कर गई की आज 21 वीं सदी में भी कैसे ड्रेगन हमारी जमीन पर कदम रखने का दुस्साहस कर गया 1962 मे शीर्ष नेताओं ओर एक चाटुकार बिदेश मंत्री मेनन ओर एक फेलियर लेफ्टिनेंट जनरल बिएम कॉल वजह से हमको हार का मुह देखना पड़ा आज की इस घटना को देखते हए देश की जनता यह जानने का हक रखती है  की क्या हमारा देश सुरक्षित है या नहीं हमारा एक एक जवान 100 पर भारी पद्धत है इसमें कोई शक नहीं भारतीयसेना की सहादत पर हमको फक्र है ओर रहेगा पर कब तक हमारे सैनिक  सीमाओं पर अपना खून बहाएंगे और कब तक राजनेता चाहे पक्ष हो या बिपक्ष राजेटिक रोटियाँ सेकेंगे क्या उनको याद दिलाना होगा कि  जब देश ही नहीं होगा तो किस पर राज करोगे देश सर्वोपरि है इस  बात को हम सबको याद रखना है युद्ध अंतिम बिकल्प है यही सच है हमारे देश की सरकार को जनता के सामने देश के मामले मैं ढुलमुल रवैया कभी नहीं बरतना चाहिए क्या  हम इतने  सक्षम नहीं हैं की हमको बात बात पर पड़ोसी देश आँख  दिखाए ओर हम हाथ पर हाथ धरे रहें हमारा रक्षा  तंत्र इतना मजबूत क्यू नहीं है की हमारी तरफ नजर उठाने से पहले दुश्मन को हजार बार सोचे क्या हमारी देश की सरकारें सिर्फ चुन्नाओं मे पैसा बरवाद करेंगी या देश को सर्वोपरि रखने के लिए देश का सर्वांगीय विकास करेंगी ये आज का यक्ष प्रश्न है जनता को जानने का हक है |  जयहिंद

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🙄गलवान घाटी चीन का हमला, सरकार का रवैया 🙄🙄

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