रूहानी सफर!
वो देखो कोई-
जा रहा है रूहानी सफर में!
हे राही हम रुके हैं-
दो दिन इस जीवन के सफर में,
रुकना नहीं आगे जा रहा है डगर
ये जग का त� read more >>
सफर है ये श्वासों का!
सफर है ये श्वासों का-
आते-जाते दे जाता है,
इस जीवन का संदेशा
गजब का ये है सफर
सफर है ये श्वासों का!
माटी का ये है प� read more >>
आए हैं हम-
इस फागुन में अपने गांव,
एक अर्से के बाद!
खुशबू जो आ रही है मदमाती-
ये मंजरिया से आम की बगिया से,
गुजर रही है ये बसंती हवा ये बया read more >>