जिज्ञासा -
"मांँ! आज क्या मैं स्कूल नही जाऊंँ?"
"क्या हुआ तृप्ति बिटिया, तबियत तो ठीक है? देखूँ, कहीं बुखार तो नहीं है! अरे! तुम्हें बुखार भ read more >>
एक थी मैना। पंख फैलाकर उड़ती थी तथा मीठे गीत सुनाती थी। एक दिन वह मीना की टाट वाली झोपड़ी के घर पर बैठी थी। एक बदमाश लड़का उसे पकड़ने की तैय� read more >>
एक लड़की मेरे इतने करीब आकर चली गयी,
जैसे कि मुझको मुझसे ही चुराकर चली गयी,
उसके बिना मैं खुद को अधूरा - सा समझता हूं,
पतंग संग डोरी का र� read more >>