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DINESH KUMAR KEER

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"मैंने तितली की नब्ज़ पकड़ी है, मैंने फूलों का दर्द देखा है, मैंने अक्सर बहारे शफक़त में, सबज़ पत्तों को ज़र्द देखा है... " -दिनेश कुमार read more >>
प्रभु श्रीराम  सालों बाद आज अयोध्या नगरी में प्रभु श्रीराम आए हैं । सूनी आँखों ने आज प्रभु श्रीराम के दर्शन पाए हैं । बालक - वृद्ध, नर read more >>
हाँ, मैंने गांव को इतने करीब से जिया है,  खेतों में पीले सरसों के फूलों को सौंधी खुशबु के साथ खिलते देखा,  सर्दी मे कोहरे की सफेद चादर की read more >>
तोता और कौआ की कहानी एक समय की बात है। एक छोटे से गाँव में दो भाई रहते थे। जहाँ एक भाई दयालु और शांत स्वभाव का था वहीं दूसरा भाई झगङालु औ read more >>
1.मां मुझे डर लगता है . . . .बहुत डर लगता है . . . .सूरज की रौशनी आग सी लगती है . . . .पानी की बुँदे भी तेजाब सी लगती हैं . . .मां हवा में भी जहर सा घुला लग read more >>
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