[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
संदीप कुमार सिंह
Home
Author
संदीप कुमार सिंह
संदीप कुमार सिंह
संदीप कुमार सिंह
@ sandeep-kumar-singh
, Bihar
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me.
Followers:
20
Following:
152
Total Articles:
1495
Follow
View Certificate
My Videos
Share on:
My Articles
मध्यम और गरीब अब-हैं अति अति लाचार दिन दिन बढ़ता जा रहा महँगाई की मार
(दोहा छंद) मध्यम और गरीब अब, हैं अति अति लाचार। दिन दिन बढ़ता जा रहा,महँगाई की मार।। दिन दिन बढ़ता जा रहा,नशा युवा में आज। बेकारी से त्�
read more >>
नर नारी खाए दवा-सुख का मिले न भोग दिन दिन बढ़ता जा रहा भीषण मय अब रोग
(दोहा छंद) नर नारी खाए दवा,सुख का मिले न भोग। दिन दिन बढ़ता जा रहा,भीषण मय अब रोग।। दिन दिन बढ़ता जा रहा,महँगाई की मार। मध्यम और गरीब अब
read more >>
दिन दिन बढ़ता जा रहा-लोगों में अब लोभ लेना चाहे पर माल को जो है मनु पर चोभ
(दोहा छंद) दिन दिन बढ़ता जा रहा, लोगों में अब लोभ। लेना चाहे पर माल को,जो है मनु पर चोभ।। दिन दिन बढ़ता जा रहा,दुनियां में अपराध। जैसे ज�
read more >>
मौका रहे तलाश में-दुर्जन हैं विष घोल पानी पानी हो रहा मानवता का मोल
(दोहा छंद) मौका रहे तलाश में,दुर्जन हैं विष घोल। पानी पानी हो रहा,मानवता का मोल।। पानी पानी हो रहा,रहे निर्लोभ शांत। लोभी को बरसात मे
read more >>
अच्छा तथा खराब भी-खुशियों में कचनार पानी पानी हो रहा शहर गांव सब यार
(दोहा छंद) अच्छा तथा खराब भी, खुशियों में कचनार। पानी पानी हो रहा,शहर गांव सब यार।। पानी पानी हो रहा,मानवता का मोल। मौका रहे तलाश में,�
read more >>
पानी पानी हो रहा- मौसम है बरसात सावन भी अब जोर में हुई सुहानी रात
(दोहा छंद) पानी पानी हो रहा, मौसम है बरसात। सावन भी अब जोर में, हुई सुहानी रात।। पानी पानी हो रहा,भले लोग जो आज। निर्लज खाया लाज को,करता
read more >>
प्रेम रंग में लीन हैं-खुशियाँ लिए हजार सारी सीमा तोड़कर पर्वत के उस पार
(दोहा छंद) प्रेम रंग में लीन हैं,खुशियाँ लिए हजार। सारी सीमा तोड़कर, पर्वत के उस पार।। सारी सीमा तोड़कर,किया सरल व्यापार। जो था पूंजी
read more >>
खुद पे हो विश्वास जब-जीने में तब रंग सारी सीमा तोड़कर जीत यहां सब जंग
(दोहा छंद) खुद पे हो विश्वास जब,जीने में तब रंग। सारी सीमा तोड़कर, जीत यहां सब जंग।। सारी सीमा तोड़कर,पर्वत के उस पार। प्रेम रंग में ली
read more >>
सारी सीमा तोड़कर-खुद पर है विश्वाश
(दोहा छंद) सारी सीमा तोड़कर, खुद पर है विश्वाश। हरदम जीवन जंग है,होने मत दूं नाश।। सारी सीमा तोड़कर,करना है नव काम। जिसमें भला समाज का,
read more >>
नज़र ने नज़र को नज़र से ही कुछ नज़राना पेश किया
(मुक्तक छंद) नजर ने नजर को नज़र से ही कुछ नज़राना पेश किया। चार नज़र अब कुछ पल के लिए यूं आपस में प्यार किया। नतीजा कुछ यूं निकला दोनों क
read more >>
« Previous
Next »
Showing
451
to
460
of
1495
results
‹
1
2
...
43
44
45
46
47
48
49
...
149
150
›
My Videos
Share on:
Facebook
Twitter
Linkedin
WhatsApp
Pinterest
Telegram
Copy Share Link
Copy
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder