मैं ये नहीं कहती हूँ कि बाकी भाषाएँ नेक नहीं
अंग्रेजी बोलना अच्छा है पर हिन्दी त्यागना ठीक नहीं
—त्रिशिका श्रीवास्तव ‘धरा’ read more >>
(1). साल का आखरी दिन है
तुमसे मिलना ना-मुमकिन है
दो-चार बरस और अभी
हमें जीना तुम्हारे बिन है
(2). सुलगते रिश्ते
जल कर राख हो जाएँगे
वो हमस� read more >>
(1). इसका एहसास नहीं है तुमको
कितना दर्द देती है तेरी बेपरवाही
कभी-कभी तो मुझे लगता है
कि मांगती है मेरे इश्क़ से रिहाई
(2). एक सुबह ऐसी भी � read more >>
(1). सच कहा था तुमने कि
इस जहाँ में सारे पत्थर हैं
किसी को ज़ियादा अहमियत दो
तो आंकते ख़ुद से कमतर हैं
(2). ज़रा महसूस तो करो
मेरी तन्हाई की पी read more >>
(1). खूबसूरत है जहाँ, मौसम रंगीन है
न जाने क्यों फिर भी, मेरा दिल ग़म-गीन है
(2). नवंबर के महीने में मुझे छोड़ गया था
हाँ! वो मुझसे सारे नाते तोड़ read more >>