Suraj pandit 30 Mar 2023 कहानियाँ अन्य Motivation poem 48248 1 5 Hindi :: हिंदी
क्यों हताश हो जीवन में,
क्यों हो उलझे हुए तुम ।
यह समय है इम्तिहान का,
क्यों हो मायूस तुम ।
फिर मिल जाएगी यह कलियां,
मिल जाएंगे राहगीर।
यह जन्म किस काम का,
न उदाहरण ले कोई मुसाफिर।
समय से अलग कोई,
कोई समय से आगे ।
वह सितारे होंगे तुम्हारे मुट्ठी में,
जब कदम बढ़ आओगे आगे ।
कितने कंटक मिलेंगे राह में,
कितने उनके शीश।
पग-पग में है इम्तिहान तुम्हारा,
पार करो ध्यान विशेष।
जो सपना थी तेरी,
अधूरा न रहने दो आज ।
तेरी मंजिल की राह पर ,
न आने दो आच।
कहां भटक रहे हो,
समय की तलाश में तुम ।
यह रेत है, क्या इकट्ठा
कर रहे हो तुम ?
क्यों हताश हो जीवन में ,
क्यों हो उलझे हुए तुम ।
यह समय है इम्तिहान का,
क्यों हो मायूस तुम ।
विश्वास गंगा की धारा बहने दो,
तू चल अंगारे जलने दो।
है, इंतजार दुनिया को तेरा,
कलम की आवाज को ज्वाला बनने दो।
__________suraj pandit.