मुझे आजकल न जाने क्यों ?
वह शहर .वह मोहल्ला ,वह गली, याद आती है !
मैं .जब भी अपने घर के बालकनी में खड़ी होती हूं !
मुझे अपना वह छोटा सा शहर य� read more >>
हम तुझे कितना चाहते है, ये बस मेरा खुदा जानता है.......
ओर तेरी गली से हम इतने बार गुज़रे, की हमे बच्चा बच्चा जनता है........
Neha Bansla ✍️✍️ read more >>
की तू ही है मंज़िल मेरी , एक तू ही मेरा जुनून है........
की जीना मुझे ए वतन बस तेरे लिए....
तेरी आबरू पर मरना ही मेरा गुरुर है
नेहा बंसला✍️✍️. read more >>
रूहानी सफर!
वो देखो कोई-
जा रहा है रूहानी सफर में!
हे राही हम रुके हैं-
दो दिन इस जीवन के सफर में,
रुकना नहीं आगे जा रहा है डगर
ये जग का त� read more >>