सज धज कर राधा चली, कृष्ण मिलन की प्यास।
लगती सुन्दर गजब की, उनसे ही है आस।।
सज धज कर राधा चली,यमुना तरनी पास।
रखी बसा मन श्याम को, मुरली � read more >>
माता का वरदान
दुर्गा बनकर आ रही, काली माँ अवतार |
पाठ पढ़ाने प्रेम का, करने भव को पार ||
बस्ती बस्ती अरु गली, मचा एक बस शोर।
दीप जलाने प्र� read more >>
बहुत हुआ है देर अब,अब तो आंखें खोल।
सूरज लाए दिवस नव,जो है अति अनमोल।।
नित्य बढ़े यह रोग अब, अब तो आंखें खोल।
मानवता पर घात है, हो जाएं स� read more >>