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मेरी एक दोस्त हैं जो इन दिनों ससुराल में है ,जो फूलों को छोटेपन से ही सींच -सींच कर बड़ा करती हैं ,और जब उनके खिलने की बारी आती है, तब तक उनक� read more >>
मेरी एक दोस्त हैं जो इन दिनों ससुराल में है ,जो फूलों को छोटेपन से ही सींच -सींच कर बड़ा करती हैं ,और जब उनके खिलने की बारी आती है, तब तक उनक� read more >>
अपनी दुनियाँ मे, कोई ,कैसे ? गुम ,हो गया । खुला था ! आसमाँ , देखते-दखते .वो सितारों को सो गया। अपनी दुनियाँ........... जाने कैसे ? बदला वक्त ज़िन� read more >>
मुझे मिली है कामनी,हुआ परिवार स्वर्ग। दौलत अब नित ही बढ़े,लिखता हूं अरु सर्ग।। चमकी जब भी दामनी,उत्सुकता हो खास। नजर गगन को देख कर,मन � read more >>
भारत देश महान है, दया शांति पैगाम। अति सुन्दर इतिहास है,प्रगति प्रेम है काम।। सदा कर्म पर ध्यान हो,अदभुत बने सुजान। दुनिया को अरु पाठ read more >>
पंचवटी से नेह रख,कृपा करें प्रभु राम। जीवन रूप अनेक है,बने त्याग से धाम।। चित्रकूट की घाट पर,संतों की अरु भीड़। बहे ज्ञान की धार नित,र� read more >>
माँ धनदा स्व आ गई, भव्य जगा है चाव। धरा वसंती हो गई,फैली है सद्भाव।। आज दिवस अरु खास है, सजे गणतंत्र पर्व। जन गण में समभाव है,सबको है मधु read more >>
मुखिया ऐसा चाहिए,जिनमें मिले न स्वार्थ। पंचायत का कर भला, कहलाए वे पार्थ।। मुखिया ऐसा चाहिए, करे सदा ही न्याय। रहे क्षेत्र में शांति read more >>
घुट- घुट के जी रहा हूँ, घूँट- घूँट पी रहा हूँ। ये सितम का कहर, तेरे इश्क का जहर। लुट- लुट के जी रहा हूँ, घूँट - घूँट पी रहा हूँ।। टुकड़े- � read more >>
तू गुजरी है इन राहों से शायद, एक खुशबू फैल रही है हवाओं में। तूने लहराई है जुल्फें शायद, एक नशा फैल रहा है फिजाओं में।। तूने खनकाई है read more >>
चले गए बुझा के नजरों से चाहत का चिराग, कर गए रुसवाई की बरसात, धधकती रही आग। छोड़ गए हमको तड़पने के खातिर इस कब्र में, उम्मीद का दामन ना read more >>
माँ तेरे उपकार से, जीवन में है प्यार। महिमा तेरी खूब है,जाने सब संसार।। माँ तेरे उपकार से,ज्योति युक्त है सृष्टि। रहे धरा गुलजार नित,� read more >>
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