चली रे चली दीवानी...
चली संगम को ये दरिया दीवानी,
अल्हड़ सी है इसकी ये रवानी,
ना देख डगर, न देखे किनारा,
बस एक धुन में है ये बेगानी.
चली रे � read more >>
कैसी खुशी कैसा ग़म
,,,,,, प्रतिभा खडेकार
,,,,,,,7517947668
,,,,,,,,,हर किसी को अपना दर्द दिखाई देता है ...
,,,,,,, हर किसी को अपनी खुशी दिखाई � read more >>
............जिंदगी की यही रीत हैं................
ज़िन्दगी की यही रीत है
हार के बाद ही जीत है
थोड़ा ग़म है, थोड़ा ख़ुशी है
ज़िन्दगी की यही रीत है।
सू� read more >>
तू माता है । मेरी एक
भवानी
तेरे भरोसे देख में बैठा हूं।। ....2
ये जग जननी जरा तू उपकार तो कर
आए दया तुझको
तो मेरा उद्धार तो कर
ये कर्मों � read more >>
भूल गया तेरे भवन में आना।
हां,
भूल गया तेरे भवन में आना
भवानी मैया,
मिलना कोई बहाना ।।
भवानी मैया........
भूल गया तेरे भवन में आना ।
भवानी म read more >>
नाचों रे नाचों रे
,,,, प्रतिभा खडेकार
,,,,,नाचों... नाचों... नाचों...
🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼
,,,,,, नाचों रे नाचों रे होली में नाचों रे...
,,,,,,, नाचों रे न� read more >>
होली रे होली...
,,,,,, प्रतिभा खडेकार
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,,,, होली रे होली.... आईं ए होली..
,,,,, रंग बरसाते हुए....
,,,,,रमाजान में छाई ए होली
,,,, होली रे हो� read more >>