[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
गीत
Home
Category
गीत
पंच परमेश्वर कहे, जो वह करना आप।
पंच परमेश्वर कहे, जो वह करना आप। होगा सबकुछ ठीक तब,ईश करेंगे थाप।। करूं मंच को मैं नमन,फिर अभिनय में लीन। बढ़िया कर किरदार को,अनुपम रख�
read more >>
शबनम किसी के आँसू हैं!
रात बीतती चली गयी, सुबह होकर भी शाम में बदल गयी। यह कैसा है मुहब्बत का फसाना, जो थी अपनी कहानी, गैर के नाम में बदल गई।। चाँद था प्यारा �
read more >>
महफिल में चर्चे तुम्हारे नाम के
चर्चा चली महफिल में तुम्हारे नाम की ! !मेरे होठों पर मुस्कान के साथ आंसू आ ही गए! तुम्हारे साथ गुजारे कुछ, पल याद आ ही गई, क्या खोया? क�
read more >>
दिल के दीपक को बचाना है जरूर
जब जिंदगी में हर तरफ रास्ते हो बंद ,चारों तरफ फैली हो अंधियारी ,मुश्किल पलों में जब मुस्कुराने का दिल न करें l मैं !तो कहती हूं उन मुश्�
read more >>
होली की सितम
फिर आई दर्द लेके होली, सारे गुलाल उड़ रहे। उनकी एक याद है कि, जो मलाल की जड़ रहे।। बेचैनियाँ रंगों की मानिंद, जीवन में एक फुहार की तर�
read more >>
बादलों में छुप कर
बादलों में छुप छुप कर चांद ! मुझे सपने दिखाता क्यों है? चांद की चांदनी! दूर-दूर तक बिखर कर मेरे सपनों को ! जगाती क्यों है ? निराशा के बाद�
read more >>
जिन्दगी प्यार, का गीत है- मुक्तक छंद
जिन्दगी प्यार, का गीत है। परम् सत्य यह, मधु रीत है । सबके हित में,यह अति खास_ इससे जीवन, में जीत है। जीवन खुशियों, में नित रहे। साहस अद्भ
read more >>
सुनता कौन गरीब की, -मुक्तक छंद
सुनता कौन गरीब की,उलझन सबके पास। अपनों में उलझे रहे,छोड़े कभी न आस। जीवन में संग्राम है, होता है अति रोष_ आफत है सबके यहां,जीवन में है ह्
read more >>
क्यों ना प्रिय मैं तुम्हें पहचान पाए
क्यों न प्रिय !मैं तुम्हें पहचान पाई क्यों ?मैं सब कुछ भूल बैठी ! एक तुम्हारी चाह में छोड़कर अपनों के संग आ गई मैं तुम्हारी राह में !क्य�
read more >>
चांदनी रात में
छत पर बैठकर चांदनी रात में जैसे मैं चांद को तुम्हें देखती हूंl उसी समय तुम मेरे हृदय में छुपकर ,चुपके से धीरे से ,आकर बैठ जाते हो l उसी
read more >>
ये मन तुम्हारा ही गीत गा रहा है....
तुम्हारी इन लवों से- सूर जो खनक रहीं है शहद घोलती ये- बोली बहारों में घुल रही है लहराती- हवा गुनगुना रही है झनकते साजों में- तेरे बो�
read more >>
जीवन सुख दुख -मुक्तक छंद
मस्ती में रहना मेरा काम है। यारी करना मेरा शुभ काम है। जीवन सुख दुख का है अनुपम मेल_ जिन्दगी जीना इसी का नाम है। (स्वरचित मौलिक) संदीप �
read more >>
« Previous
Next »
Showing
817
to
828
of
1246
results
‹
1
2
...
66
67
68
69
70
71
72
...
103
104
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder