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पंच परमेश्वर कहे, जो वह करना आप। होगा सबकुछ ठीक तब,ईश करेंगे थाप।। करूं मंच को मैं नमन,फिर अभिनय में लीन। बढ़िया कर किरदार को,अनुपम रख� read more >>
रात बीतती चली गयी, सुबह होकर भी शाम में बदल गयी। यह कैसा है मुहब्बत का फसाना, जो थी अपनी कहानी, गैर के नाम में बदल गई।। चाँद था प्यारा � read more >>
चर्चा चली महफिल में तुम्हारे नाम की ! !मेरे होठों पर मुस्कान के साथ आंसू आ ही गए! तुम्हारे साथ गुजारे कुछ, पल याद आ ही गई, क्या खोया? क� read more >>
जब जिंदगी में हर तरफ रास्ते हो बंद ,चारों तरफ फैली हो अंधियारी ,मुश्किल पलों में जब मुस्कुराने का दिल न करें l मैं !तो कहती हूं उन मुश्� read more >>
फिर आई दर्द लेके होली, सारे गुलाल उड़ रहे। उनकी एक याद है कि, जो मलाल की जड़ रहे।। बेचैनियाँ रंगों की मानिंद, जीवन में एक फुहार की तर� read more >>
बादलों में छुप छुप कर चांद ! मुझे सपने दिखाता क्यों है? चांद की चांदनी! दूर-दूर तक बिखर कर मेरे सपनों को ! जगाती क्यों है ? निराशा के बाद� read more >>
जिन्दगी प्यार, का गीत है। परम् सत्य यह, मधु रीत है । सबके हित में,यह अति खास_ इससे जीवन, में जीत है। जीवन खुशियों, में नित रहे। साहस अद्भ read more >>
सुनता कौन गरीब की,उलझन सबके पास। अपनों में उलझे रहे,छोड़े कभी न आस। जीवन में संग्राम है, होता है अति रोष_ आफत है सबके यहां,जीवन में है ह् read more >>
क्यों न प्रिय !मैं तुम्हें पहचान पाई क्यों ?मैं सब कुछ भूल बैठी ! एक तुम्हारी चाह में छोड़कर अपनों के संग आ गई मैं तुम्हारी राह में !क्य� read more >>
छत पर बैठकर चांदनी रात में जैसे मैं चांद को तुम्हें देखती हूंl उसी समय तुम मेरे हृदय में छुपकर ,चुपके से धीरे से ,आकर बैठ जाते हो l उसी read more >>
तुम्हारी इन लवों से- सूर जो खनक रहीं है शहद घोलती ये- बोली बहारों में घुल रही है लहराती- हवा गुनगुना रही है झनकते साजों में- तेरे बो� read more >>
मस्ती में रहना मेरा काम है। यारी करना मेरा शुभ काम है। जीवन सुख दुख का है अनुपम मेल_ जिन्दगी जीना इसी का नाम है। (स्वरचित मौलिक) संदीप � read more >>
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