बादलों में छुप छुप कर चांद !
मुझे सपने दिखाता क्यों है?
चांद की चांदनी! दूर-दूर तक
बिखर कर मेरे सपनों को !
जगाती क्यों है ?
निराशा के बाद� read more >>
जिन्दगी ये मेरी,
है । माँ तेरी
दुआँओ की मँहर .......
तु मूझको , याद किया कर ....
रहे सलामत सदा ,तेरा लाल
जिए जुग जुग
माँ आशीष दिया कर.....
न read more >>