काफिया:_आनी
रदीद:_आज फिर
बहर:_2122,2122,2122,212
गीत गाता हूं नई अरु, मुंह जुवानी आज फिर।
साज बन कर गमकती है, जिंदगानी आज फिर।
लोग सारे प्यार करते,� read more >>
जो चाहतों का ढुढँते रहे ।
वजूद ...
वो क्या मुहोबत के काबिल हुए .......2
सितारो से भरा रहा ।ये आसमाँ
होती रही ।बाते
यहाँ खूबसूरत नजारो की
पर read more >>
शीर्षक---- सुनो सखी
विद्या ,,,,गीत
सुनो !सखी ?जब समय खराब होता है, तो सबसे पहले अपने ही रंग बदलते हैं'
दिखलाते हैं कई रंग अजीब! तुम्हारे जीव� read more >>
तेरे नव रूपों मे समा गई री।
माँ
तेरे भक्तो के, आने -जाने से ...... .
तेरे ......
देखी .आभा तेरे भक्तो की
तो घबरा गए री।
माँ
तेरे भक्तो.......
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