जो चाहतों का ढुढँते रहे ।
वजूद ...
वो क्या मुहोबत के काबिल हुए .......2
सितारो से भरा रहा ।ये आसमाँ
होती रही ।बाते
यहाँ खूबसूरत नजारो की
पर read more >>
शीर्षक---- सुनो सखी
विद्या ,,,,गीत
सुनो !सखी ?जब समय खराब होता है, तो सबसे पहले अपने ही रंग बदलते हैं'
दिखलाते हैं कई रंग अजीब! तुम्हारे जीव� read more >>
तेरे नव रूपों मे समा गई री।
माँ
तेरे भक्तो के, आने -जाने से ...... .
तेरे ......
देखी .आभा तेरे भक्तो की
तो घबरा गए री।
माँ
तेरे भक्तो.......
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थे फैसले सारे । खुदा के तो
ये कैसे हुआ ?
उठा कैसे दिल में. मुहोबत का घुआँ ,।
हाँ ।ये...... ?
तुझे छु के यो बिजली सी दौड़ गई
सारे बदन मे,......
बद� read more >>
अपनी कसमों, अपने वादों से
मुझे आजाद कर दे। ..
हाँ। ...मुझें....
मुझे....
नहीं तो फिर, ........
मुहोबत को मेरी
तु कोई नाम.... दे। ......
तेरे जीने � read more >>