तब लैंडलाइन फोन का जमाना था। एक दिन मेरा पड़ोसी मेरे घर आया और दर्दभरे लहजे में बोला, "मेरा फोन काफी दिनों से डेड पड़ा है। सूं-सां...सां...सां read more >>
‘‘अमा यार, तुम्हें मालूम है! आज मेरे घर साधुओं की फौज आई थी।’’ राजेश ने सहकर्मी गौतम से कहा।
गौतम ने अनमने ढंग से जवाब दिया,‘&lsquo read more >>
‘‘यार, कैसे मर्द हो, जो दारू तक नहीं पीते! क्या अपनी बीवी से डरते हो?’’ सहकर्मी ने बीयर बार में प्रवेश की ओर निगाह डालते हुए तानेकश read more >>
दीपावली के अवसर पर बनवारीलाल अपने घर के ड्राईंग रूम को सजाते हुए सोच रहा था, ‘‘क्या है उसके पास? न ढंग के सोफे, न अच्छी कुर्सियां, न आल read more >>