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कविताएँ
धड़कन मिली-धड़कन मिली हलचल हुई खुशियों की जैसे दस्तक हुई
"धड़कन मिली" धड़कन मिली हलचल हुई खुशियों की जैसे दस्तक हुई अब मुश्किल ये सफर होगा जब कभी दर्द का कहर होगा उस समय आपकी हिम्मत बन नन्ह�
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कुछ तो हो बदलाव अब-जब हो भला विचार
कुछ तो हो बदलाव अब,जब हो भला विचार। दुनिया सुन्दर अति लगे, जन्मे खाली प्यार।। कुछ तो हो बदलाव अब,रखें नजर को साफ। अच्छा ही तब सब दिखे,ग�
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कब बदलोगे सोच तुम-बढ़ते दिव्य प्रकाश
कब बदलोगे सोच तुम,बढ़ते दिव्य प्रकाश। मोहन जैसे मुख लगे,माखन करिए प्राश ।। कब बदलोगे सोच तुम,मिले खुशी जब खूब। सभी चाह भी पूर्ण हो,बन�
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सौन्दर्य और शौर्य की चर्चा -अपनी मातृभुमी पे कुर्बान अपनी आन-बान शान
शोन्दर्य और शौर्य की चर्चा कभी मेवाड़ कि भूमि पे आम थी ।। आईने भी शौकीन थे। रानी पद्मावती के रूप की एक छलक पाने को, क्या सोचते हो तुम
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जेब खाली लेकर निकले -मंजिल की तलाश में
"जेब खाली" जेब खाली लेकर निकले मंजिल की तलाश में हम घर से दूर चले सपनो की उड़ान में शुरुआत छोटी है पर अरमान बहुत बड़े हैं भरोसा है खुद
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सपना-कुछ ऐसा है सपना मेरा बच्चों का हो भविष्य सुनहरा
"सपना" कुछ ऐसा है सपना मेरा बच्चों का हो भविष्य सुनहरा शिक्षा ने है जीवन पाला शिक्षा से ही जीवन में उजियाला आज का बच्चा कल युवा होगा
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मुझे डर लगता है-बहुत डर लगता है
1.मां मुझे डर लगता है . . . .बहुत डर लगता है . . . .सूरज की रौशनी आग सी लगती है . . . .पानी की बुँदे भी तेजाब सी लगती हैं . . .मां हवा में भी जहर सा घुला लग
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हे सम्बन्ध पुराना तुमसे-दे गये हमे अनेक धरोहर
दे गये हमे अनेक धरोहर प्रकृति का ये दृश मनोहर उसके रक्षक सारे जन , है सबकी यह दित्य धरोहर ये बह�
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स्वार्थ-मैं उन्हें जानता हूँ पर वो मुझे पहचानते नही
मैं उन्हें जानता हूँ पर वो मुझे पहचानते नही , बिना काम के वो मुझको
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जीवन है कि आना जाना- जन्म हुआ फिर हे बचपन आना
जीवन है कि आना जाना जन्म हुआ फिर हे बचपन आना बचपन आया फिर यौवन आना यौवन आया फिर बुढ़ापा आ�
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जिम्मेदारी-सुबहाँ सुबहाँ रोज जगा देती है
कौन, सुबहाँ-सुबहाँ रोज जगा देती है। रात अन्घेरी को भगा देती है । सुबहाँ हो गई उठों ऊमीद की आवाज़ से सवेरे की रोशनी दिखा देती है।। रू�
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मैं क्यूं हारु-जब लगी हो मन में तब चेन कहां जीवन में
"मैं क्यूं हारु" पढ़ना हैं मेरा करम किताबे हैं मेरा चरम जीवन में हैं कुछ सपना जो किताबों से होगा अपना किताबों से लाना हैं सैलाब और ज्�
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