जब से मनुष्य ने जन्म लिया ,
तभी से उसने जीवन में है संघर्ष पाया,
इसी संघर्ष के बल पर मनुष्य ने कभी हार नहीं मानी, मानी है सिर्फ अपनी उत्थ� read more >>
देखो - देखो ढूंढों - ढूंढों,
देखो हंसी कहां खो गई तुम ??
बरसों से देखता, खोजता था मैं जब से उसे, न जाने वह हंसी कहां खो सी गई ?
थी वह कभी घर मे� read more >>
हर हद, एक दिन जिद बदल दे।
तो क्या......?
ख्वाब सच होने से पहले हौसला
तोड़ दे......? ...देख
ये दुनिया तस्वीरों का क्या करे।।
जीत है। तो जश्नन है।
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