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OS /10 / 2023 को विश्व शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई हमारे शिक्षक हैं सबसे महान उनके यहाँ है ज्ञानों का भंडार उनके मुख पे सदा रहते माँ शारदे क� read more >>
शाम का वो वक्त था। सर्वत्र अदभुत उमंग था। सागर की लहरें मौज में थी। मुझे किसी का इंतजार था। वादियाँ वहां की मस्ती में थी। देख मन को इ� read more >>
1. झीमिर झीमीर पानी गिरत हे चारो मुड़ा मा कहर मचत हे 2. चुमुक ले अंधयारी समागे। दिया बरत हे जुग जुग ले . 3.बिहनिया ले चिरई मन के शोर । जंगल � read more >>
#विधा:_मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" ऐसा कैसे हो गया,लूट गए परिवार। संशय में ही सब रहे,भूल गए सब प्यार। लिप्त सभी हैं पाप में,ब� read more >>
#विधा:_रोला छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" धर्म घटे हैं आज,हुआ क्यों कर अब ऐसा। नहीं रहा संतोष,हुआ सबकुछ अब पैसा।। बिकता है प्यार,सर्व read more >>
#विधा:_कुंडलिया छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" ऐसा कैसे हो गया,लूट गए परिवार। संशय में ही सब रहे,भूल गए सब प्यार।। भूल गए सब प्यार,डाह read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" ऐसा कैसे हो गया,उनको यूं तकरार। पर वो तो थे अति भले,नहीं मिला क्यों प्यार।। ऐसा कैसे हो गया read more >>
मैं छोड़कर जा रहा हूँ अपना गाँव संभाल के रखना मेरे गाँव वासी मैं जरूर लौटकर आऊँगा एक दिन बनकर देश का सच्चा सिपाही यदि में शहीद हो भी ज� read more >>
सफ़ेद पोश आये हैं कुछ सफेद पोश आज हमारे गांव में मांग रहे लोटे में पानी बैठे नीम के छांव में एक नहीं हैं दो नहीं हैं दस के दस हैं साथ � read more >>
बिन बुलाएं मेहमानों से बचाएं अपनी जान, मृत्यु बीमारी कर्ज़ा चिंता दुश्मनी बेरोजगारी गरीबी आदि है इनका नाम। ऊपर वाले का सुबह शाम नही� read more >>
क्या करूं मैं इस नींद का यह आती बहुत है चलो आती तो आती पर आजमाती बहुत है हर रोज सोचती हूं आज जी भरकर सोऊंगी पर अफसोस ख्वाब सोने नहीं द� read more >>
सुख में दीप जले जैसे दुख में बात नहीं हम कैसे रोके उसको जिसके साथ नहीं। आंगन की अंगड़ाई में दिल की इस गहराई में मत इतना गुबार भरो जिस read more >>
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