मैं सुध बुध खो देता, आपका नाम भी मुझे बहुत सुकून देता, आपका एक एक बोल मेरे जीवन में शक्कर खोल देता, जुदाई में आपकी यादों में डूबा रहता, जु� read more >>
कितने अच्छे थे वे दिन
जीते थे चिंता के बिन..
खूब पढ़ना, खूब लिखना
मौज मस्ती, गिन -गिन -गिन
चलते फिरते थे बिंदास
रखते दिल में बड़ी सी आस
अ� read more >>
बचपन का साथी
बचपन का साथी कब राहों में खो गया,
यह पता चला ही नही।
मैं बच्चा से कब बड़ा हो गया ये पता चला ही नहीं।
बचपन के वो लम्हे जो हर स� read more >>