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#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" रोने से क्या फायदा,आगे का यूं सोच। रहो दूर तकलीफ से, जीवन में हो लोच।। रोने से क्या फायदा,ग� read more >>
नमस्ते दोस्तों 🙏🙏 कहते हैं दोस्तों ! मां-बाप की असली खुशियां उनके बच्चे में होती है ! उनकी मुस्कान , सफलता , तरक्की में होती है .... पर क्य read more >>
ये समय गुजर जाएगा ये आज फिर नही आएगा सोच के तू कदम बढ़ा पंछी तू एक दिन मिट जाएगा ये समय गुजर जाएगा मत रख अभिमान, फिर से ये पंचभूत बन जा� read more >>
बचपन के वह दिन याद आते हैं, रामलीला देखने की खुशी जब हम बर्दाश्त नहीं कर पाते थे, आज के बच्चे रामलीला देखने क्यों नहीं जाते हैं, टीवी मोब� read more >>
दिन-रात तेरी याद में कितना तड़पते हैं हम तुझे खबर ही नहीं कैसे जीते हैं हम जिंदगी जी तो रहें हैं पर जिंदगी है कहां मौत भी हमें देख अब � read more >>
ए जिंदगी अब तेरी अमानत है मिला जो तू मुझको मेरा नसीब है जो ख्वाब देखें थें मैंने तू वही हकीकत है ले जाएं मौत अगर हमको ,चले जाएंगे हुई � read more >>
श्रद्धा से ले माता वैष्णो देवी का नाम फिर बिगड़े बनेंगे तेरे काम, सारी मनसा होगी पूरी मनसा देवी की भक्ति नहीं करोगे जब अधूरी, शीतल खुश ह read more >>
अध सच है, आधा खाली है गिलास। पूरा सच है, आधा भरा, कहता कोई काश। मिलता है हार का हार, हार जाता हूं करते प्रयास। पूरा सच है, प्रयास में, कमी read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" खुशी पर्व नवरात्रि की,पावन आया वक्त। माता के नौ रूप से,लहर चले है रक्त।। प्रथम शैल पुत्री � read more >>
मैं लौटा अपने गांव में जब नहीं मिला मुझे देखने को कोई भी खेत -खलिहान भैया - भाभी , चाचा -चाची सब बन गए थे नया दुकानदार बाग-बगीचा , पार्क ब� read more >>
पितृ पक्ष पितरों की उपासना है जो सभी पूर्वजों के लिए किया जाता है, पूर्वजों और उनके पितरों के आशीर्वाद और दुआओं से भरती हमारी झोली है। read more >>
तू आएगा यही आस रहती है मुझको तेरे आने के बाद जाने का दर्द ज्यादा सताती है मुझको क्यों तू मेरे नसीब में नहीं किसी और के हाथों की लकीर ह� read more >>
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