कवि के मन की पीर है,अपनापन में ह्रास।
सभी मतलबी आज हैं, सता रहा है त्रास।।
कवि के मन की पीर को, कलम देय आवाज।
होगा सबकुछ ठीक अब, यह मुझको � read more >>
अपने आत्मा से पुछो
माँँ तकदीरो की तीर होती है
मुश्किल पड़ जाने पर
पलको की तशवीर होती हैै l
अपने आत्मा से पुछो.........
वो अनाथ बनकर घुमेँंग read more >>
जब मै पढ़ती थी one class मेँँ
अ,आ नहीं समझती थी l
next year my two class
मैँं अ,आ,इ पढ़ती थी
जब मै आयी three class मेँं
a,b,c नहीं आता था
next year my four class
मुझे a,b,c d आता था
उसके ब� read more >>
जब मै पढ़ती थी one class मेँँ
अ,आ नहीं समझती थी l
next year my two class
मैँं अ,आ,इ पढ़ती थी
जब मै आयी three class मेँं
a,b,c नहीं आता था
next year my four class
मुझे a,b,c d आता था
उसके ब� read more >>
जब मै पढ़ती थी one class मेँँ
अ,आ नहीं समझती थी l
next year my two class
मैँं अ,आ,इ पढ़ती थी
जब मै आयी three class मेँं
a,b,c नहीं आता था
next year my four class
मुझे a,b,c d आता था
उसके ब� read more >>