गहरी खामोशी का समंदर
एक गहरी खामोशी का समंदर हूं मैं,
हां मैं हूं वही जो कल था और आज भी है और कल भी रहूंगा,
तू झांक कर तो देख तेरे अंदर हूं read more >>
"प्रीत बनकर बह जाओ तुम"
नेह के फूल बिखरा जाओ तुम पास आ जाओ
सुलगती यादों को एक बार तो बुझा जाओ
नेह का प्रेम इस पावस ऋतु में बरसा जाओ
उम्मी� read more >>