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आज का युग अजीब सवाल पूछता है, बेटा कहता है — “आपने मेरे लिए क्या किया?” और माँ-बाप चुप हो जाते हैं, क्योंकि उनका उत्तर शब्दों में नहीं, ब� read more >>
आज बच्चों की नई जिदद्। किसी नयी उमंग में जीने की ही तैयारी । लाड़ली -सी उनकी अदाएं जैसी हवा -सी भर दी गुब्बारी। लाड़ भी आता ही है। यूं � read more >>
आज बच्चों की नई जिदद्। किसी नयी उमंग में जीने की ही तैयारी । लाड़ली -सी उनकी अदाएं जैसी हवा -सी भर दी गुब्बारी। लाड़ भी आता ही है। यूं � read more >>
जब ज़िन्दगी मुस्कुराना भूल जाती है, और उम्मीदों की लौ भी डगमगाने लगती है, तब समझो, वक्त तुम्हें परखने आया है, तेरी हिम्मत और तेरे इरादे read more >>
" जुगनुओं ने शराब पी ली है.." (✍️तीखा व्यंग्य - के. भारद्वाज) जुगनुओं ने शराब पी ली है, अब ये सूरज को गाली देंगे, दो घूंट सत्ता की, तीन झूठ ता read more >>
जब देखते हैं आई सी यू के उस शांत वार्ड में कही सुनते हैं बीप की आवाज किसी को बीप की आवाज उम्मीद जागती है तो कभी किसी की दुनिया उजड़ जात� read more >>
"✍️निर्णय और समय - के.भारद्वाज" कल जो निर्णय था - वह तब सही था, भले ही आज उसके मायने बदल गए हों। आज जो ठाना है मन ने, वह अब सही है, भविष्य म� read more >>
एक सूरज था आसमान में, एक नगर तिन्दवारी में अब दोनों चमकेंगे अम्बर में, नगर रहेगा अंधियारी में न जाने क्यों अनायास भाग्य हमारा रूठ गया read more >>
एक दिन ओर जन्म -दिन.... सबकी विकल्प सोच में बदलने का एक खाश दिन। नियम तो नहीं, पर नयापन लाने की कोशिश भी। एक दिन ओर जन्म -दिन.... पर इसके वास� read more >>
यमलोक में पहुंच एक इंसान सबसे पहले किया यमराज को प्रणाम यमराज हंसे और भोले कैसे हो भाई यहां आने की कैसे तकलीफ उठाई हाथ जोड़कर विन read more >>
आज के युग का अजब नज़ारा, सबको मंज़िल चाहिए दोपहरा। ना ठहराव, ना कोई सब्र अब, हर दिल में बस जल्दी का सहरा। कदम-कदम पर जो ठोकर खाए, वो हार � read more >>
एक रिश्ता ही है। इन्सान की नियत और सच। अकेला भी अपना है, अकेले में भी अपना है। सच निर्दयी भी है। पर इन्सान की नियत का वजूद भी। एक रिश्त� read more >>
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