🪔 पहले वाली दिवाली 🪔
पहले जैसी बात अब नहीं रही,
दिवाली भी अब कुछ खास नहीं रही।
ओह... गुड़ के खिलौनों की खुशबू,
अब मिठाई में भी वो मिठास न� read more >>
जो बीत गया, वह सपना था,
जो आने वाला है, वह कल्पना है।
पर जो पल अभी तेरे संग है,
वही तेरी असली साधना है।
भविष्य की चिंता में उलझकर,
कई लोग आ read more >>
माँ की ख़ुशी कोई बाज़ार की चीज़ नहीं,
वो तो दिल के किसी कोने में रखी परछाई है,
जिसे छूना तो आसान नहीं,
पर महसूस हर सांस में की जाती है।
स� read more >>
आज का युग अजीब सवाल पूछता है,
बेटा कहता है — “आपने मेरे लिए क्या किया?”
और माँ-बाप चुप हो जाते हैं,
क्योंकि उनका उत्तर शब्दों में नहीं,
ब� read more >>