Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Dear 2022 thank you,thank you उन lessons के लिए जो तुमने मुझे सिखाया, एक नहीं हजारों इसी साल से सीखा की लोग बदलने के लिए,decemaber का intzar नहीं करते बल्कि mood and need के हिस� read more >>
जिंदगी ये ,बदले ना बदले दुनिया देख के,अब जीने का शौक, बदलने लगा है। फिसलने लगी है।हाथो से मिट्टी के जैसे ,ख्वाश्शे हर मुहोबत मे चल रह� read more >>
सभ्य महिला चूड़ियो की खनक में अपनी उदासी का शोर छुपाती है ढक लेती है अपनी वेरंग दुनियां को चटक लाल रंग के दरवाजे से बंधन की इस बेडिय� read more >>
मोदी जी अब न देर लगाओ इलाज कोरोना का ले आओ मारी बात मन के दवाई एकी थी दूरी बनवाई रोग कती फैल रायो दुनियां में पर रयो दुनियां पे भारी मु� read more >>
जेठ हो कि हो पुस हमारे किसान को आराम नहीं, छुटे कभी संग बैलों का ऐसा कोई धाम नही मुख मैं जीभ नहीं पूजा में शांति नही जीवन में सुख का न� read more >>
एक झोली में फूल भरे हैं। एक झोली में कांटे हैं। कोई तो कारण होगा तेरे बस में कुछ नहीं बांटने वाले का करम होगा पहले बनती हैं तकदीर फिर read more >>
बीक रहा है पानी,पवन बीक ना जाए बिक गई है धरती, गगन बीक ना जाए चांद पर बिकने लगे हैं, ज़मी डर है कहीं सूरज की तपन बीक ना जाए हर जगह बिकने ल read more >>
आहिस्ता चल मेरे जिन्दगी अभी कई कर्ज चुकाना बाकी हैं। कुछ दुख मिटाना बाकी हैं कुछ फर्ज निभाना बाकी हैं। रफ्तार तेरे चलने से, मुझे लग read more >>
एक कहानी है मेरी जो अधूरी रह गई करने बैठा था पूरा स्याही ही कम पड़ गई जेल पेन समझ के मैं लिखता गया वो चलती गई में लिखता गया वो चलती गई, कम read more >>
जो इंसान संघर्ष के बालू में दौड़ लगाता है उसी इंसान के पास अनुभव का खजाना होता है इसलिए कभी भी अनुभव की कमी महसूस हो तो उस इंसान के पास ज� read more >>
रचना- "नारी तू अविचल है।" रचनाकार- जितेन्द्र शर्मा विधा- कविता तिथी-29/12/2022 नारी! नारी तू अविचल है। पंकज सी कोमल है पर द्रढ है तू गिरि read more >>
( चल पड़े किसान खेतों में) सिर पर पगड़ी कमर में धोती पैरों में चमडे़ के जूते हल कंधे रख चला किसान आगे-आगे चल रहे बैल लगते बिल्कुल सीध� read more >>
Join Us: