अंधेरों में जब लोभ पनपता है,
जब रिश्वत का खेल जम जाता है,
तब न्याय की आवाज़ बनकर,
ACB का दीपक जल जाता है।
जब झूठ और धोखे की दीवारें,
ये साह� read more >>
चलो जरा घूमकर आएं,
इश्क की गली से अभी अभी तो बारिश छूटी है,
बेवफ़ा के शहर में।
वो न मिलेगी तो भी सही है,
दिल की धड़कन तो शांत रहेगी।
घूम ल� read more >>