Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
रात की चांदनी से में लड रहा हूँ, दुनिया सारी सो रही है मै जग रहा हूँ, रात की सर्द हवा मेरा ध्यान रखती है, चांद की रोशनी जब मुझसे आकर मिलत� read more >>
स्वतंत्रता के बिना जिंदगी बेकार है, यहां धरा पर सबको पूर्ण अधिकार है। चलो यह एक पुनीत कार्य करें, सबको अपने अधिकार के लिए उकसाएं। बड� read more >>
अभियंता से ये जहां, बड़े_बड़े कर काम। करे समस्या को सुलभ, जीना कर आसान।। आविष्कार सुजान कर, रौशन करे चिराग। तम को करके दूर ही, जीवन मे� read more >>
यादें आती रात, साथ रहते थे साथी। करते मनभर बात, ग्राम में आते हाथी।। यादें मन की चैन, रैन जैसी है सूरत। दिल में उलझन आज,दिव्य दिखती वह म� read more >>
स्वतंत्र छोड़ अपने विचार को प्राणी, उन्मुक्त प्रवाह में बहने दे अपने ख्याल को। सांसों को स्वतंत्र छोड़, शब्दों को स्वतंत्र छोड़। क� read more >>
स्वतंत्रता आज के समय में आवश्यक है, पूर्ण विकास के लिए यह परम् जरूरी है। किसी को पराधीन रखना बड़ा पाप है, हरेक जीव को अपने ढंग से जीने क� read more >>
सच कहना अपराध है,झूठों का है राज। ऐसे में सच मत चले, बड़ा अजब है आज।। सच कहना अपराध है, मिथ्या मुख पर बोल। आदत यह है झूठ का, नहीं सत्य का � read more >>
शीर्षक - पीड़ा उत्साह की न जाने क्यों? खुशी के वजू, उत्साह को पीड़ा होती है। जब ये निशा रोती है, जब जब वर्षा होती है। न जाने क्यों? कह द� read more >>
बचपन तेरी बहुत याद आती है, कागज की किश्ती पानी में तैरती, पल भर में अमीर बन जाना पलभर में गरीब, जात पांत किसने जानी सब थे मेरे करीब। बचप read more >>
फ़तह दुनिया को करना है, तैयारी तेज कर दे तू, वो मंजिल पास है तेरे, किताबी इश्क करले तू, ज़रा सी धूल ही तो है, नहीं ओझल तुझे होना, तू एक द read more >>
कविता - ( सरकारी योजना ) मुद्दतों बाद बनी ! बनते ही खोदना ! बाद का काम पहले ! पहले का बाद पर छोड़ना ! फिर नए सिरे से ! उन सड़कों को खोदना ! फिर श� read more >>
स्वप्न ही मातीत माझे, वाट दुसऱ्याची मी चालतो अनोळखी या वाटेवर, स्वप्न माझे मारतो जपले मी मनाशी, घेऊनीया सगळे ढूंकूनही, न पाही read more >>
Join Us: