नमस्ते दोस्तों
आज फिर एक बार इंसानियत शर्मसार हुई .....!
नारी की अस्मिता तार- तार हुई ...!!
चीखें उसकी खामोश हुई...!
खुद को बचाने की हर कोशिश � read more >>
मिले न जीवन इस तरह कभी
जो सोच से शुरू और चिंता पे खत्म हो,
किसी को मनाने में ही
सारी उम्र यूं जख्म हो,
हरपल मन उदास और न आंखें यूं नम हो
न read more >>