आवाज़ न करेंगे....!
की अब मेरे अल्फाज तुझसे कुछ न कहेंगे...
बेशक तेरा इंतज़ार करेंगे, पर तूझे आवाज़ न करेंगे...
तोड़ंगे सारे मन के भ्र्म हम, की read more >>
अपने हक का यह त्यौहार आया है,
चारों ओर प्रचार-प्रसार का कोलाहूल छाया है,
देश में विकास करने का हक तुमने भी पाया है,
तुमने अपने मत से देश � read more >>
"घर की याद"
कितना भी करो आ जाती हैं
घर की याद आ ही जाती हैं
सुबह नहीं तो शाम को आ जाती हैं
घर की याद आ ही जाती हैं
घर की नहीं तो घरवालों � read more >>