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अपनी कुर्सी की खातिर कितनों को तुम कटवाओगे? लाल हरे में देश को बांटा, क्या तिरंगे को भी बटवाओगे? सुंदर गुलदस्ता है देश हमारा, क्या इसक� read more >>
खुदा करे इस दुनिया में ऐसा दिन आ जाए, हर कोई बेपनाह मोहब्बत करे अपनी मां से, हर रोज ही मदर्स डे बन जाए।। read more >>
अपने स्कूल की गलियों में आज भी मैं फिरता हूं, शायद अपने खोए बचपन की मुझे तलाश है। जिम्मेदारियों ने छीना था बचपन मेरा, शायद इस बात का मु read more >>
अगर उड़ने की तमन्ना हो, तो बैसाखियों का सहारा नहीं लिया करते।। read more >>
मरहम जैसे शब्द वो देख दूजे के ग़म दुख दर्द निकाल देता है। मुझे भीतर से मोम जैसा पिघाल देता है। मैं जब देखता हूं दर्द में डूबे किसी व� read more >>
ये जामा जो दिया मेरे मालिक का शुक्रिया। वो रहमत ना करता तो ये नर तन नहीं मिलता।। read more >>
अजीब से लगते हो तुम चेहरे पर मुस्कान और अंदर दर्द से भरे हो तुम...!! धन्यवाद🙏🏻 read more >>
अक्सर लोग अपना किया हुआ भूल जाते हैं पर दूसरों की भूल को कभी नहीं भूलते...!! धन्यवाद...🙏🏻 read more >>
यूं तो जिंदगी के सफर में कई मिले चाहने वाले पर ऐसा कोई नहीं मिला जो मेरी रूह में समा जाए....!! धन्यवाद 🙏🏻 read more >>
एक ऐसा हमदर्द मिला हमको पहले तो दर्द पर बड़े प्यार से मरहम लगाया फिर उसी दर्द को और भी गहरा करके चला गया धन्यवाद read more >>
किसी को कितना भी अपना क्यों ना मान लो एक दिन वही लोग तुम्हारी बुराई करने से चुकेगें नहीं....!! धन्यवाद read more >>
कलंदर यूं नहीं बनता कोई बिना मालिक की मर्जी के, कि हस्ती भूलनी होगी अगर मस्ती को पाना है। शरद भूषण मोंगरा read more >>
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