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किसी को कितना भी अपना क्यों ना मान लो एक दिन वही लोग तुम्हारी बुराई करने से चुकेगें नहीं....!! धन्यवाद read more >>
कलंदर यूं नहीं बनता कोई बिना मालिक की मर्जी के, कि हस्ती भूलनी होगी अगर मस्ती को पाना है। शरद भूषण मोंगरा read more >>
क्या मिल जाता है......??? ख़ुद को खोकर किसी और को पाने से .........?????? ख़ुद को दुःखी कर किसी और का ख़्वाब सजाने से....... मिल जाता है सबक शायद इसी बहाने � read more >>
शायद ......!! हम किसी के लिए इतना इंपॉर्टेंस भी नहीं है जितना हम समझते हैं यही हमारी गलती है कि गलतफहमी में जीते हैं...!! धन्यवाद read more >>
जो मुझे नहीं समझा वो मेरी खामोशी को क्या समझेगा ...!! जिसे हर बात पर गलत मैं...... लगी वो मुझे क्या सही समझेगा..!! धन्यवाद read more >>
किसी से अब कोई शिकवा नहीं,गिला नहीं...... जो मेरा नहीं था शायद वो मुझे मिला नहीं....!!! read more >>
अजीब है ना... कल जो कहा करते थें कभी छोड़ कर नहीं जाऊंगा..!! आज छोड़ के जाने के कतार में सबसे पहले वही लोग आते हैं..!! Thanks read more >>
जो चला गया उसके लिए रोना क्या..?? जो है उसे संभाल कर जीना सीखो..!! धन्यवाद read more >>
ये उम्र भी गुजर रही हैं, अब तो हम किसी से कुछ कह भी नहीं सकते.......!! मर गई हैं ख्वाहिशें सारी, अब तो खुद को ज़िंदा कर भी नहीं सकते..,....!!! सांसे ह read more >>
मुसलसल जिंदगी बहती चली नदी के वेग सी कोई परिंदा दरख़्त पर बैठा हुआ मुझको देखता है मैं किसी कीड़े की भांति पत्ते पर बैठा किनारा खोजता read more >>
"रूहानियत के लिए", वो नूर (ईश्वर) मेरे भीतर है, मैं (अहं) मानती नहीं है रूह रोज़ अपने रब के सजदे से चूकती है। इश्क खुदा की जात है इश्क कि ड� read more >>
उम्र भर पछतावा करने से अच्छा है, दोबारा से कोशिश की जाए, और सारी ताकत फिर से झोंक दी जाए।। read more >>
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