"आत्मा सही और-
गलत की सूचना देती है"!
"परंतु मनुष्य मन के-
वज़ह भ्रमित हो जाता है"!
"इस परख की चुनौती-
को जिसने हासिल किया है"!!
"असल में उस- read more >>
मन रे बेचैन-
तू क्यों है बेगाना,
तोहे न चैन-
बसे क्यों है बेगाना,,
तू रे चंचल-
तेरा न कहीं ए-ठौर रे,
ए-मन-
भटके तीनों लोक बेचैन रे....!!!!
-मो� read more >>
अब देखो न-
हाथ की लकीरें मिट गई,
याकि देखते-
देखते दृष्टि कम गई,,
तकाजा-ए-उम्र है-
जनाब, मौसम बदल गई,
उम्र घटती-
गई मोहब्बत बढ़ती गई....!!!!
-� read more >>