रात गुज़र-
के आया है दिवस,
आजा-आया-
दिवसों का दिवस,,
गुरु कृपा से-
समाया हृदय में प्रकाश,
गुरु शिरोमणि-
कोटि-कोटि प्रणाम्....!!!!
"पांच सि read more >>
तमन्ना के बग़ैर हम-
ख़ाली रह गये हम,
हर नाता निभाते हम-
ख़ुद के रहे ना हम,,
सबके होते गये हम-
ख़ुद से दूर होते गये हम,
बंटते-बंटते आज-
ख़� read more >>
"कारोबार"
"अब मैंने सब कुछ छोड़ दिया है,मोहब्बत् की जगह अब नशे का कारोबार शुरू किया है,बहुत से लोग आते हैं,नशे का समान लेने,अब मोहब्बत् क� read more >>