एक मुसाफ़िर-
तू ही नहीं शहर में
ए-तमाम चले-
उसी राह शहर के
पर सैलानी सभी-
साहिल की तलाश में...
ए-चले मंज़िल-
दिल की गहराई में....!!!!
-मोती read more >>
हम तेरी गलियां छोड़ आए हैं,
रिश्ता नाता उनसे सारा तोड़ आए हैं ,
मेरे जहन में कभी तेरी याद न आए
उन यादों का गला हम मरोड़ आए हैं
*शिव किशोर � read more >>