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ईमानदारी-मैंने निभाया है हर रिश्ते को ईमानदारी से
मैंने निभाया है। हर रिश्ते को ईमानदारी से पर यकीन ।मानिए कुछ नहीं मिलता। इस दुनिया में वफ़ादारि से।
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कान्हा- किन शिकायतौ के हम शिकार हो गए
कान्हा पता नहीं किन शिकायतौ के हम शिकार हो गए। जितना साफ दिल रखा उतने गुनाहगार हो गए ।
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कान्हा- किन शिकायतौ के हम शिकार हो गए
कान्हा पता नहीं किन शिकायतौ के हम शिकार हो गए। जितना साफ दिल रखा उतने गुनाहगार हो गए
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प्राथना-व्यक्ति के मन ईश्वर का होना अति आवश्यक है
प्राथना करते समय व्यक्ति का मन्दिर में होना आवश्यक नहीं किंतु व्यक्ति के मन ईश्वर का होना अति आवश्यक है
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बस अपना गांव हो- और वही नदी का किनारा
शहर की धूप और जलती लाइटों का सहारा हजार हजार ख्वाहिश बस कल्पना है सारा और मन को बहलाने की कोशिश कर लू बेकार है बस अपना गांव हो, और वही न�
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कल्पना जीवन की-छोटी सी बात दिलो की अरमानों की झोली है
छोटी सी बात दिलो की अरमानों की झोली है मैं कब कहता जीवन रंग बिरंगा है, सब परिवर्तन की होली है धूप छांव मन की कल्पना सा है बस चलते �
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मोहब्बत को खुशबूओं से नहलाया नहीं करते
मोहब्बत को खुशबूओं से नहलाया नहीं करते । दिलो में रहकर मोहब्बत को जताया नहीं करते। जो गुज़रते हैं इंतजार में रात और दिन अपने । दिलो म
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मौत के बाज़ार में मारा गया मुझे
मौत के बाज़ार में मारा गया मुझे। हुकूमत ने मेरे यार कितने जु़ल्म किये है।
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रब्बे इलाही को हम हिन्दुस्तान कहते हैं
अमन तहज़ीब के परचम को हम ईमान कहते हैं । मोहब्बत जिसमें बसती है उसे इंसान कहते हैं । यहां कुरआन और गीता को सब मिलके पढ़ते हैं । इसी रब्�
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ज़िन्दगी- महेनत करो रुकना नहीं
ज़िन्दगी से यही सीखा है महेनत करो रुकना नहीं हालत कैसे भी हो किसी के सामने झुकना नहीं
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नसीब-बदलते व्यक्त ने मेरी तक़दीर बदल दी
बदलते व्यक्त ने मेरी तक़दीर बदल दी। ज़िन्दगी ने इतने दर्द दिए की हस्ते हुए चहरे की तस्वीर बदल दी
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मां की ममता- तक़दीर लिखने का हक़
मेरी तक़दीर में एक भी ग़म ना होता । अगर तक़दीर लिखने का हक़ मेरी मां बाप को होता
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