अपनों से दगा न करने की क्या खूब सजा पाई है, हमने
उन्हें खोकर ये कीमत चुकाई है हमने
अब तो किसी को हाल-ऐ-दिल-दिल कहने से भी हम हिच-किचाते है� read more >>
किसी को मिल गयी मंजिल तो कोई आज भी तलाश में है।
किसी को मिला समंदर ,तो कोई आज भी प्यास में है।
तू देखता है किसी को आस्क भरकर,
हम तो आज भी त� read more >>
बीत गया वो वक्त जब इश्क को खुदा की अमानत,
समजकर अपनी मोहब्बत को बया करते थें !
आज कल की पिढी का तो कूछ और हीं चल रहा है ,
दिलं से दिलं तक नह read more >>
अपने कभी छूट ना जाए ये डर तो हमेशा लगा रहता है पर जो सच है वो कभी-कभी झूठा सा लगता है ये कैसी दुनिया है जो कभी समझ में नहीं आती अपने अपने से read more >>
हम,भी
काश ,पसंद होते उनकी ,
योहि कोई बेजार शौक नहीं ।
चन्द पलो, मे ना उ़डने़
घुँआ बन के
रहते जेब मे उनकी ,कोई
एक आदत बन के
बात- बात होता ज� read more >>