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'किस्मत रूठी हैं'...'और वक्त का थोड़ा मारा..हूं' मैं अभी भी 'कोशिश' में हूं...'अभी नहीं हारा..हूं'..!!
'किस्मत रूठी हैं'...'और वक्त का थोड़ा मारा..हूं' मैं अभी भी 'कोशिश' में हूं...'अभी नहीं हारा..हूं'..!!
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बाकी अब मोबाइल का ज़माना है....
आलम में- एक जंतु ने अपना, वर्चस्व कायम किया है धीरे-धीरे- जन-मानस को, निकल रहा है बचपन को देखो- दिमाग में नशा चढ़ा है उसने अपना- बचपन ख
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धोखा
धोखा एक बार हो तो कोई माफ़ भी कर दे लेकिन बार बार हो तो कोई चाह के भी माफ़ नहीं कर सकता। धन्यवाद
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नाचीज़
मुझ जैसे नाचीज़ को तुमने इतनी इज्जत से नवाजा है दिल चाहे जितनी बार तुम्हारा शुक्रिया अदा करे तुम्हारी जर्रानवाजी के लिए कम है। धन्य�
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दिल किसी पे
वैसे तो दिल किसी पे आता नहीं था मेरा आया भी तो उस पे जो कभी था ही नहीं मेरा। धन्यवाद
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नवाजिश
मोहब्बत हमने भी किसी से की है तो क्या गुनाह की है ऐ तो ऊपर वाले की नवाजिश है जो ऎ मोहब्बत चीज बनाई है। धन्यवाद
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मोहब्बत
इतनी मोहब्बत न करो तुम यूं हमसे हम ओ परछाई है जो रोशनी के आते ही गायब हो जायेगें। धन्यवाद
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जिन्दा हु यही काफी है ।।
ए खुदा सरासर ये कैसी ना इंसाफी है बेगुनाह को सजा कसूरवॉर को माफी है ।। पल पल नही मरना मुझे जिंदा रहकर उम्र कैद से तो कई अच्छी है फांस�
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इस दिल में क्या क्या है
इस दिल में क्या क्या है वो क्यूं जाने..... जिनकी निग़ाह अक्सर जेब पर होती है। ✍️पागल सुन्दरपुरीया 9649617982
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वो ख्वाब जैसा था,
वो ख्वाब जैसा था, हकीकत बन ना सका जमाने के जालिमो के आगे इक न चली, हमारी कहानी अधूरी ही रेह गया ✍✍💔💔💔💔💔👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾
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होश,,जिंदगी ,,
अभी अभी तो होश आया था हमे आज फिर किसी से आंख लड़ गई ।। सुना था के लोग बदल जाया करते है मुझसे तो मेरी जिंदगी ही बदल गई ।। धरम सिंग राजपू�
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बात
कहने को बहुत कुछ है पर हालात यह है कि कहने ही नहीं देते कभी बैठो मेरे पास फुर्सत में तो दिल के हाल बयां कर दु
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