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शायरी
वह अपनी पहली मुलाक़ात
वह अपनी पहली मुलाकात आज भी मुझे याद है वह तेरा मिलना वह तेरा मुस्कुराना वह तेरा हंसना आज भी मुझे याद है प्यार तो दिल तुझसे ही करता है क�
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जिंदगी खत्म कर दी
तु मेरी जिंदगी थी लेकिन मैंने देखा कि तु किसी ओर की है तो दिल को बहुत दर्द हुआ फिर भी तुम्हें पाने की चाहत थी इसलिए मैंने खुद की जिंदगी
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तु हसती है तो ...
तु हसती है तो आसमान में तारे हंसते हैं तुझे देखने के लिए दिवाने तरसते हैं तु सिर्फ हसती रहो क्योंकि तेरा हंसने से चांद की भी हवा निकल
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दिल से शायरी
होगे अमीर तुम हैसियत से बहुत दिल के अमीर तो हम ही रहेंगे फासले लाखों हजार हो चाहे हमेशा तुम्हें हम याद रखेंगे।
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शायरी दिल से
दिल के करीब रहने वाले आवाज न दिल की सुन रहे हैं भरी भीड की महफ़िलों में भी तनहा अकेले हम जी रहे हैं।
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deeply love
ek haqeeqt ,ek khuwaab hai tu, mere lambo ka ,pehla alfaaz hai , me chahu bhi to tujhe , pa nahi sakta, me dharti ,to tu asmaan hai !
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दर मुर्शिद का
आओ चलें हम दर मुर्शिद के शरण में गुर सीखें मुर्शिद के अंतर मन चमक उठे अनहद तूर बजे सार जीवन हाथ मंज़िल मिले -मोती
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मेरा मुर्शिद जहां होगा
वो जन्नत वहां होगा- दरबार मेरे मुर्शिद का होगा, वो शांति जिस दिल में होगा- ज्ञान मेरे मुर्शिद का होगा, वो मेरा मुर्शिद जहां होगा- बर�
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"भरोसा"
"भरोसा".....✍️ "अब मैं तुमसे लड़ना नहीं चाहता,अब इस रिश्ते को खत्म करना चाहता हूँ, भरोसा किया था,एक और भरोसा टूटने के बाद,अब वो भरोसा कहाँ से
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आ करीब अब..
आ करीब अब,दुरिया को मिटाना है तेरी इस बेकरारी आलम का,हिसाब लगाना है
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आ करीब अब..
आ करीब अब,दुरिया को मिटाना है तेरी इस बेकरारी आलम का,हिसाब लगाना है
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यूं तो अजनबियों पर विश्वास करना छोड़ दिया हमने
यूं तो अजनबियों पर विश्वास करना छोड़ दिया हमने कुछ धोखा ही ऐसा मिला था कि सब समझ आ गया हमें धन्यवाद
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