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किसी को रुला कर भला कैसे खुश रह पाओगे हकीकत यही है जैसा बोओगे वैसा ही पाओगे read more >>
अपने दिल में पनहा दी हमने, अपनी सांसों में वसा लिया हमने, अपनी आंखों में छिपा लिया हमने। read more >>
एक मुक्तक अपने ही हाथों से अपना, जिगर जलाए बैठे हैं । खुशबू की चाहत में गुल से, धोखा खाए बैठे हैं । देख रहे हो जिन आँखों में,सपनों की त� read more >>
दिल के घर में तुझ को बिठाकर, पलकों के दरवाजे में बंद कर लेंगे, आंखों में काजल की तरह समा लेंगे। read more >>
दिल के घर में तुझ को बिठाकर, पलकों के दरवाजे में बंद कर लेंगे, आंखों में काजल की तरह समा लेंगे। read more >>
प्यासा ही पानी कीमत समझता है, भूखा ही भोजन कीमत समझता है, जिसे लगती है चोट उसे ही दर्द होता है,जिसका कोई खो जाता है,उसकी तकलीफ वो ही समझत� read more >>
हमने की थी दोस्ती तुमसे, थोड़ा गम हमारा कम हो जाए, ग़म क्या कम होता, हमें अंधेरे कुएं में छोड़ आये। read more >>
किसी ने ना समझा दर्द मेरा, और चोट करके चला गया, समझा था हमको लोहा, हथौड़ा मारकर चला गया। read more >>
किसी ने ना समझा दर्द मेरा, और चोट करके चला गया, समझा था हमको लोहा, हथौड़ा मारकर चला गया। read more >>
ना जाने लोग क्यूं शराब पीते हैं, वतन से इश्क करने का नशा क्या कम होता है........ read more >>
झुकी नज़रों भी, बहुत सी बातें कर जाती है, रूकी सांसों में भी , कभी नई जान भर जाती है। read more >>
चेहरे से कहां पता चलता है कौन कैसा है, सब उसी का नाम लेते हैं जिसके पास पैसा है...... read more >>
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