"बेदर्द"
"वो कहते हैं,कि तुम बेदर्द हो,दर्द में रह कर भी मुस्कुराने की अदा को रखते हो,कैसे कर लेते हो ये सब,और मैं मुस्कुरा के कहता हूं,उतर read more >>
सुने,माशुमीयत के चर्चे,
दिल से नाखुश
और इस जहां में ढुंढता किसे........!
मेरी हर कोशिश नाकाम कर खुदा
में बैठा रहूं ।
बना के उसकी तस्वीरों क read more >>
हाँ यह सच है की बेटियां महमान होती है,
लेकिन यह भी तो सच है,
के बेटिया मां-बाप की जान होती है,
गम में वो साथ निभाती है,
और खुशी में मिलकल ख� read more >>
महफिल का मजंर में समझ नहीं पाता,
लोग मुझे बुरा कहते है,
लेकिन फिर भी मेरी ही बाते करते है,
यह कैसी अजीब बात है,
लोग मेरी बुराई सरे आम करत� read more >>