Raj Ashok 17 Jul 2024 शायरी हास्य-व्यंग ख्वाहिशों की हदें 33532 0 Hindi :: हिंदी
वक्त, तेरे खौफ की ये तजा क्या , हरियाली मेरे स्वपन की मेरे हुनरमंद से क्यों रज़ा नहीं।। क्या, बंद हो जाएंगी।। मेरे सपनों के शहर में ख्वाहिशों की हदें।।
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Jai jai ho...