कभी हम भी.....
एक अजनबी इंसान से मिले थे।
दिल आज भी उसकी सर्दियां महसूस करता है ।
मोहब्बत तो एक मुकद्दर है.......
अपनी चाहत से यह लिखावट नहीं � read more >>
समझदार बहुत थी ।
अपनी मुश्किलों से वास्ता निकाल गई ।।
लेती रही, जिंदगी इम्तिहान पे इम्तिहान
पर ,वो आखिर
,हारी नहीं .......
अपनी मंजिल का र� read more >>
तारीखें तय कर , इम्तिहान अभी......और ....बेजार होंगे....!
मुश्किल में है ।
मुकद्दर के सिकन्दर का अब हर ख्वाब ...
अपने फैसले पर ज़रा ग़ौर कर.....! read more >>