दौलत ही दौलत बिखरी है ।
रास्तों पे,
खूबसूरत एक निर्माण और होगा
चाहत की वसीयत पे . क्या लिखु......?
अपनी मुहोबत की सुंदरता
जानती हो तुम.. ....... read more >>
हाथ की लकीरों में खज़ाने होते ।
तों मुकद्दर की क्या बिसात थी ।।
हर कोई शहंशाह होता !!
दुनियां में मेहनत पे .......
यकीन करने वालों की क्या औ� read more >>
क्या आप भी किस्मत को मानते हो ?
मानते हो तो ?
किस्मत , है ही नहीं
क्यों की आप खुद अपनी किस्मत लिख सकते हो
इसके लिए आप को कर्म अच्छे करने ह� read more >>