Raj Ashok 27 May 2024 शायरी समाजिक आइने 33884 0 Hindi :: हिंदी
न जाने कौन सी एक जरूरत ले आईं थीं। बिकने , बाजार में देखा ,तब साफ थे आइने से ।। चाहत करने वालों के दिल भी .........
Login to post a comment!
Jai jai ho...