Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
घीले बिस्तर आँखो के पाणी से, पत्ते गीरते है पेडो की डाली से! इब नजरिया किसीका क्या हो, पत्ते गिरते है हवासे आँसू नहीं! कवी - समीर लांडे read more >>
लाखों की भीड़ में आंखों की बात, किसे समझ आती है। मिले किसी का हाथ, तो यह जिंदगी यूं ही कट जाती है। कवी - समीर लांडे read more >>
किसी बेहतर की तलाश तुझे, ले डूबे गी फराज तुझे। आईने में देख जरा, कहते हो रकीब किसे। लेखक - समीर लांडे read more >>
मैं शाख से गिरा पत्ता हूं, फटा किताब का पन्ना हूं। उस सुखी नदी का कंकड़ में, किस काम का में लड़का हूं। कवी - समीर लांडे read more >>
में पीस रहा हूं जैसे मसाला कोई, मसला ये है की पीसने वाला है अपना कोई। कवी - समीर लांडे read more >>
मैं किसिका खास नहीं, ना समझे मेरा एहसास कोई। सुबह की ओस सा मैं हूं सही, तुझे देखा तो जाना मैंने हर कोई कोसने वाला नहीं। तू है कोई जो समझ read more >>
में कमजोर हूं गिनती में, तुझे आज भी अपनो में गिन लेता हुं। और हिसाब लगाने पर, पता चला में नुकसान में रहता हूं। कवी :- समीर लांडे read more >>
जहर जिंदिगी का एक साल और कट रहा है, है कोई जो हम से अलग बट रहा है। वो दौलत लूटे मेरी तो क्या गम होता, में फकीर हूं ये दुःख मुझे अंदर से चाट � read more >>
संत कहते- तेरा नाम उल्टा, वाणी में आता नहीं तू रहे- अनुभव में, भाषा में कहीं तेरा नाम नहीं स्वर-व्यंजन- में आता नहीं तू , कल्पना से है read more >>
मैं कर्मयोगी- तेरा योग बता दे, हे योगेश्वर- तेरा-ए-योग बता दे, तू कण-कण- रहे हर दिल भेद बता दे, तू योगीराज- मुझे योगी बना दे....।।।। -मोत� read more >>
तेरा-ए- नाम जग में है महान् जो-ए- नाम जपते वो हैं महान् जो-ए-कर्म... का लेखा टाल दे सो-ए-नाम जन-ए-धरा में आनंद बहा दे।।।। -मोती read more >>
"जग में महान् तू राम श्री राम, पुरुषोत्तम-ए-तू राम श्री राम, तेरे बिन जग है वीरान सिया राम, तू आजा तू आ मेरे-ए-राम।।" -मोती read more >>
Join Us: