जहर जिंदिगी का एक साल और कट रहा है,
है कोई जो हम से अलग बट रहा है।
वो दौलत लूटे मेरी तो क्या गम होता,
में फकीर हूं ये दुःख मुझे अंदर से चाट � read more >>
मैं कर्मयोगी-
तेरा योग बता दे,
हे योगेश्वर-
तेरा-ए-योग बता दे,
तू कण-कण-
रहे हर दिल भेद बता दे,
तू योगीराज-
मुझे योगी बना दे....।।।।
-मोत� read more >>