Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
थोडी घुस्सेल, थोडी प्यारी है नाराज बैठी मुजसे एक परी है! मासूम सी शक्ल , नदानी भरी पडी है ,बेहन सानी मूजसे रुठी खडी है ! कवी - समीर लांडे read more >>
लिखाँ किताब में, लडको के बारे, लडके बेकार नहीं होते है सारे! धोखा मिले किस्मत से किसिको, मुस्कुरा देते है ये बेचारे! सोच लीखाँ है किस्म read more >>
हवा से उडती धूल हू मे, शायरी की राह में एक भुल हू मे! किसी की संसो मे ,कहियो की आँखो मे, उडती एक धुल हू मे ! कारो के शिषे पर जमी धुल, पर लिखती read more >>
मिला जो इश्क हमे लगे उधार सां, उधार की जिंदगी ,कफन भी उधार का ! मे हँसता हूँ तो लगता हैं, बौज बढ रहा है उधार का ! कवी - समीर लांडे read more >>
घीले बिस्तर आँखो के पाणी से, पत्ते गीरते है पेडो की डाली से! इब नजरिया किसीका क्या हो, पत्ते गिरते है हवासे आँसू नहीं! कवी - समीर लांडे read more >>
लाखों की भीड़ में आंखों की बात, किसे समझ आती है। मिले किसी का हाथ, तो यह जिंदगी यूं ही कट जाती है। कवी - समीर लांडे read more >>
किसी बेहतर की तलाश तुझे, ले डूबे गी फराज तुझे। आईने में देख जरा, कहते हो रकीब किसे। लेखक - समीर लांडे read more >>
मैं शाख से गिरा पत्ता हूं, फटा किताब का पन्ना हूं। उस सुखी नदी का कंकड़ में, किस काम का में लड़का हूं। कवी - समीर लांडे read more >>
में पीस रहा हूं जैसे मसाला कोई, मसला ये है की पीसने वाला है अपना कोई। कवी - समीर लांडे read more >>
मैं किसिका खास नहीं, ना समझे मेरा एहसास कोई। सुबह की ओस सा मैं हूं सही, तुझे देखा तो जाना मैंने हर कोई कोसने वाला नहीं। तू है कोई जो समझ read more >>
में कमजोर हूं गिनती में, तुझे आज भी अपनो में गिन लेता हुं। और हिसाब लगाने पर, पता चला में नुकसान में रहता हूं। कवी :- समीर लांडे read more >>
जहर जिंदिगी का एक साल और कट रहा है, है कोई जो हम से अलग बट रहा है। वो दौलत लूटे मेरी तो क्या गम होता, में फकीर हूं ये दुःख मुझे अंदर से चाट � read more >>
Join Us: