रामलला के नाम के अक्षत,
घर-घर पहुंच रहे हैं,
राम के चरित्र को मन में बसा लो,
राम शायद यही कह रहे हैं,
अयोध्या तो संकेत है बस,
मन में दीप पव� read more >>
ये दिल में-
उठती-ए-तरंग कभी-कभी,
तेरी याद-
आए-ए-सताए कभी-कभी,
ये तमन्ना-
ए-दिल बस में नहीं कभी-कभी,,
तू चले-
हलचल-ए-लहर सी कभी-कभी।।।।
-मो� read more >>