मैं कर्मयोगी-
तेरा योग बता दे,
हे योगेश्वर-
तेरा-ए-योग बता दे,
तू कण-कण-
रहे हर दिल भेद बता दे,
तू योगीराज-
मुझे योगी बना दे....।।।।
-मोत� read more >>
सबके-
दिल में बसे हैं मेरे राम,
अब सत-
ए-युग लाऐंगे मेरे राम,
अयोध्या नगर-
में बसेंगे राम सिया राम,
सुना है-
अब आऐंगे मेरे राम....!!!!
-मोती read more >>
चमन में फूल...
खिलते ख़ुशबू आती ये कैसा,
चमन-ए-बता...
पवन से फूलों का नाता कैसा,
तू बयारन है पवन...
जब-जब गुज़रे इस चमन से,,
ये उठती है ख़ुशब� read more >>