"ये नैना-
बात करती हैं इशारों-इशारों में"!
"ये मैं डूबा हूं-
इन झील सी गहरी नैनों में"!
"ये दिन-रैन मेरे-
गुज़रते हैं ख्वाबों-ख्यालों में"! read more >>
"सन्नाटा"
"हर रात कोशिश करता हूँ,खुद को मसरूफ़ रखने की उलझे हुये कामों को पूरा करने में,मगर एक वक्त के बाद इस रात में एक अजीब-सा सन्नाटा ह� read more >>