मीत मेरे मीत-
आ जा बीते ना ए-पहर,
पुकारे ये प्रीत-
आ जा बीते ना ए-पहर,
आ लौट के आ मेरे
मीत बीते ना ये दिन-ए-रैन,,
आ तुम बिन-
सूना है ये मन-म� read more >>
नफरत भरी उचाँइयों पर, कभी मोहब्बत की सीड़ी लगाकर, आज़गी भरे कदमों से धीरे - धीरे चाहत लिए उपर चढ़ कर, मुस्कुराकर उस पार झाक कर तो देखो, ताज़ी ह� read more >>