आ मैं तेरी याद में सब को भुला दू
अगर जो तु कहे तो में चांद तारो को तोड़ के ला दू
क्यों रहते हो यू खोए खोए से रात के अंधेरे में
तुम कहो तो � read more >>
तु जा रही हो छोडकर गैरो के लिए
हमने तो विश्वास किया दिलो जान से ज्यादा
आज भी तेरे याद को हम समेटे बैठे है
गम की चादर हम ओढ के बैठे है !
क� read more >>
मैं अधूरे सफर का मुसाफिर हु, मंजिल तक हमे जाना है
थक गए है चलते चलते पैर मेरे, इन पैरो का ये बहाना है
कुछ करने का ठान लिया है मैने हमे कुछ read more >>